Falling Into Your Simile In Hindi [repack] Guide
गिरना सीख लिया है मैंने। गिरकर भी न उठने की कला। क्योंकि तुम्हारे हर उपमान में एक नया क्षितिज है, एक नई तह। और मैं अब उस तह में घर कर गया हूँ।
और मैं उस हवाई जंगल में जा गिरा। जहाँ नीचे ऊपर है, और ऊपर नीचे। वहाँ मैंने सीखा—गिरना भी एक दिशा है। बस तुम्हारे उपमान की गुरुत्वाकर्षण शक्ति चाहिए।
तुमने पहली बार कहा— "तेरी आँखें गहरे पानी के कुएँ हैं।" falling into your simile in hindi
अब मैं प्रतिदिन गिरता हूँ। तुम कहती हो 'चाँद'—मैं उस चाँद की दरारों में समा जाता हूँ। तुम कहती हो 'धूल'—मैं उड़कर तुम्हारी पलकों पर बैठ जाता हूँ। तुम कहती हो 'आग'—मैं जलता नहीं, बल्कि ईंधन बनकर तुम्हारे भीतर की लौ को बताता हूँ कि शीतल भी कैसे दहक सकता है।
और मैं उसी पल उस कुएँ में गिर गया। कोई रस्सी नहीं थी, कोई दीवार नहीं। बस अंधेरा था—मीठा, नम, और अंतहीन। नीचे गिरते हुए मैंने सोचा, यह उपमान तो खतरनाक है। तुमने मेरी आँखों को 'कुआँ' कहकर मुझे ही उनमें डुबो दिया। falling into your simile in hindi
तीसरी बार तुम चुप थीं। लेकिन तुम्हारी चुप्पी ने कहा— "हम दो ऐसे पेड़ हैं, जिनकी जड़ें ज़मीन से बाहर बढ़ रही हैं।"
और मैं उस सिलाई में फँस गया। धागा मेरी उँगलियों से बँधता गया, और शरीर की हर तह पर एक अदृश्य कढ़ाई उभर आई। तुम मुझे 'बिना सुई का सीना' सिखा रही थी। यानी दर्द को ऐसे बुनना कि छेद न दिखे, केवल डिज़ाइन दिखे। falling into your simile in hindi
फिर तुम आए।